|| ॐ ||
जन्म पत्रिका में षष्ठेश का लग्न या लग्नेश (लग्न राशी का स्वामी ग्रह) से योग (दृष्टी, युति) हो रहा हो तो ऐसे जातक नकारात्मक विचार करने वाले होते हैं |
उपरोक्त ग्रह स्थिति होने पर जातक का दुसरो से (अधिकतर) वाद विवाद होता हैं तथा मित्र भी शत्रु जैसे जान पड़ते हैं |
-: अपवाद :-
उपरोक्त ग्रह स्थिति में यदि शुभ ग्रहों से युति / दृष्टी योग हो तो नकारात्मकता का प्रभाव कम होता हैं ||| ॐ तत् सत् ||
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